फ़्लिप्ड क्लासरुम विधि में छात्रों की शैक्षिक उपलब्धि पर प्रभावशीलता का अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.7813/tvbsj307Abstract
शिक्षा जीवन पर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया है बालक और प्रगतिशील समाज के मध्य गहरी खाई को पांटने की दृष्टि से शिक्षा ही ऐसा माध्यम है जो किसी निश्चित लक्ष्य के अनुसार समाज की परिवर्तित आवश्यकताओं एवं आदर्शों को दृष्टि में रखते हुए बालक की मूल प्रवृत्तियों का इस रूप में विकास कर सकती है जिसमें व्यक्ति व समाज दोनों का ही विकास हो इस रूप में शिक्षा का लक्ष्य समाज के आदर्शों, आवश्यकताओं को मूर्त रूप देते हैं। प्रत्येक समाज का जीवन के प्रति निश्चित दृष्टिकोण होता है जिसके आधार पर ही मानव जीवन के लक्ष्यों का निश्चय होता है। इनकी प्राप्ति के लिए शिक्षा की आवश्यकता होती है। शिक्षा सामाजिक परिवर्तन की वाहिका है एवं सशक्त माध्यम है शिक्षा के द्वारा सामाजिक परिवर्तनों को अति सरलता से लाया जा सकता है शिक्षा का सामाजिक परिवर्तनों पर अधिक प्रभाव पड़ा है। समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा परिवर्तनों को अपनाने में सहायता शिक्षा द्वारा प्रदान की गई है। शिक्षा सामाजिक गतिशीलता में वृद्धि करती है शिक्षा के द्वारा सामाजिक रूपान्तरण में बाधक घटकों को दूर किया जा सकता है। शिक्षा के द्वारा ही सृजनात्मक चिन्तन के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार किया जाता है।
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2000
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Section
Articles