गोपाल कृष्ण गोखले के राजनीतिक विचारों का अध्ययन
Abstract
गोपाल कृष्ण गोखले भारतीय राजनीति के उन उदारवादी नेताओं में अग्रणी थे, जिन्होंने संवैधानिक साधनों तथा आध्यात्मिक मूल्यों के समन्वय से राजनीति को एक नई दिशा प्रदान की। यह अध्ययन गोखले के राजनीतिक विचारों का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करता है, जिसमें ब्रिटिश उदारवाद में उनकी आस्था, संवैधानिक साधनों के प्रति प्रतिबद्धता, स्वशासन की अवधारणा, तात्कालिक माँगें तथा आध्यात्मिकता और नैतिकता के समन्वय पर उनके विचार शामिल हैं।
गोखले ब्रिटिश शासन को भारत के लिए ईश्वरीय वरदान मानते हुए भी उसकी साम्राज्यवादी नीतियों के कटु आलोचक थे। उन्होंने प्रजातीय साम्राज्यवाद का विरोध करते हुए भारतीयों के साथ समानता के व्यवहार की माँग की। वे पाश्चात्य शिक्षा को मुक्तिदायिनी शक्ति मानते थे और उसके विस्तार के पक्षधर थे। उनके द्वारा स्थापित भारत सेवक समाज (1905) राष्ट्रीय एकता और आध्यात्मिक राष्ट्रवाद का प्रतीक बना।